Friday, January 20, 2017

जीव के श्री राम के सन्मुख और विमुख होने का परिणाम । सन्मुख-

जीव के श्री राम के सन्मुख और विमुख होने का परिणाम ।
सन्मुख-
"सन्मुख होई जीव मोहि जबहीं,जन्म कोटि अघ नासहिं तबहीं".

जैसे ही जीव मेरे सन्मुख होता है उसके करोडो जन्मों के पाप स्वतः ही भस्म हो जाते हैं.सन्मुख होने का मतलब किसी मंदिर,मस्जिद,गुरूद्वारे में जाकर मूर्ति के सामने खड़ा होना नहीं है.मन में श्री राम की छबि को स्थापित करना है.
लंकिनी हनुमान जी महाराज को आशीर्वाद दे रही है-
"प्रविसी नगर कीजै सब काजा,ह्रदय राख कौशलपुर राजा".
माता जानकी हनुमान जी को आशीर्वाद दे रही हैं-
"देखि बुद्धि बल निपुण कपि,कहेहु जानकी जाहु.
रघुपति चरण ह्रदय धरी,तात मधुर फल खाऊ".
अर्थात सन्मुख होने का मतलब तन से नहीं है मन से है.मन यदि श्री राम के चरणों में पहुँच जाता है तो मन ही तो सुख दुःख का अनुभव करता है.फिर तन के सुख-दुःख का कोई भी भान नहीं होता.
"मन-तहं जहं रघुवर बैदेही,बिनु मन तन दुःख सुख सुधि केही".
जैसे कोई हमारे शरीर में एक सुई चुबोये,क्योंकि मन शरीर के साथ है इसलिए हम दुःख का अनुभव कर चिल्ला उठते हैं.परन्तु डाक्टर पूरा पेट फाड़ देता है हमे पता भी नहीं चलता.कारन डाक्टर पहले दवा देकर मन को शरीर से अलग कर देता है अब हमे शरीर के सुख दुःख का कोई अनुभव नहीं होता.
श्री राम के सन्मुख होने का परिणाम-
"गरल सुधा रिपु करे मिताई,गोपद सिन्धु अनल सितलाई.
गरुअ सुमेर रेनु सम ताही,राम कृपा करी चितवा जाही".
जहर अमृत हो जाता है,शत्रु मित्र बन जाते हैं.भव समुद्र गाय के खुर के समान हो जाता है.अग्नि शीतल हो जाती है.अति भारी सुमेरु पर्वत धूल के कण के बराबर हल्का हो जाता है.जो राम के सन्मुख होता है अथवा जिसपर राम की कृपा दृष्टि पड़ती है.
श्री राम के विमुख होने के परिणाम-
"मातु मृत्यु पितु समन समाना सुधा होई विष सुन हरी जाना।।
मित्र करे सत रिपु कै करनी।ताकंह विबुध नदी बैतरनी।।
सब जग ताहि अनलहूँ ते ताता,।जो रघुवीर विमुख सुन भ्राता"।।
माँ मृत्यु हो जाती है पिता जमराज हो जाता है,अमृत जहर हो जाता है।मित्र सौ-सौ शत्रुओं के समान व्यहवार करता है।उसके गंगा भी भव समुद्र से भी ज्यादा भयंकर हो जाती है.सारा संसार अग्नि से भी ज्यादा तप्त हो जाता है.जो जीव श्री राम के विमुख होता है.अर्थात जिसके मन में श्री राम नहीं है ।
* पापवंत कर सहज सुभाऊ। भजनु मोर तेहि भाव न काऊ॥
जौं पै दुष्ट हृदय सोइ होई। मोरें सनमुख आव कि सोई॥
              पापी का यह सहज स्वभाव होता है कि मेरा भजन उसे कभी नहीं सुहाता। यदि वह (रावण का भाई) निश्चय ही दुष्ट हृदय का होता तो क्या वह मेरे सम्मुख आ सकता था?॥

* निर्मल मन जन सो मोहि पावा। मोहि कपट छल छिद्र न भावा॥

तनीयांसं पांसुं तव चरणङ्केरुहभवं विरिन्चिः

तनीयांसं पांसुं तव चरणङ्केरुहभवं
विरिन्चिः संचिन्वन्विरचयति लोकानविकलम् ।
वहत्येनं शौरिः कथमपि सहस्त्रेण शिरसां
हरः संक्षुद्यैनं भजति भसितोद्धूलनविधिम्

अर्थ -  माँ आपके कमल समान श्रीचरणों में लग्न सूक्ष्मातिसूक्ष्म रज की कृपा से ब्रह्मा निरन्तर विश्व की सृष्टि में तत्पर रहते है । भगवान विष्णु स्वयं शेषावतार धारण कर अपनें सहस्त्रों सिरों से आपकी चरण धूलि से उत्पन्न समस्त लोको को सप्रयत्न धारण करते है । भगवान भूतभावन शिव स्वयं तुम्हारी पदधूलि को सम्यक् रूप से भस्मीकृत कर अपनें अङ्गों में लगा लेते है । इस तरह ब्रह्मा , विष्णु , महेश तीनों मूर्ति पराशक्ति की आराधना कर कृतकृत्य हो जाते है ।

एक बार एक शिष्य ने अपने गुरू से पूछा की गुरूदेव !

🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸
एक बार एक शिष्य ने अपने गुरू से पूछा की
गुरूदेव ! सत्संग सुनने इतने लोग आते हैं,
क्या सभी लोग प्रभु के दर्शन कर पाते है ?
गुरूने मुस्कराकर कहा,
एक जमीन होती वहाँ कुछ भी नही उगता.
दुसरी जमीन जहॉ घास तो उघती है मगर सुखकर जल
जाती है.
और तीसरी जमीन खेती कहते है,
वहॉ जो उगाओ वही पैदा होता है.
लेकीन उसके लिये
वक्त पर पानी और धूप की जरूरत होती है.
ठिक इसी तरह जो पर्मारथ की राह पे नही चलते
वो बंजर जमीन की तरह है.
जो सत्संग मे आते तो है मगर ध्यान नही देते वो अमल
नही करते हैं, वो सुखी घास की तरह हैं
पैदा तो होती है मगर किसी काम की नही।
जो सत्संग मे आते है अपने जीवन मे अमल करते है और प्रभु के गुणगान
गाते है, वो खेती की तरह जो उगाओ
पैदा होता है।
वही इंसान प्रभु के दर्शन कर सकता है।
🌹🌸🌹🌸🌹🌸🌹

आइये आज आपको "धरती पर भगवान हैं सिद्ध करके दिखाता हूँ" :

आइये आज आपको "धरती पर भगवान हैं
सिद्ध करके दिखाता हूँ" :
१. "अमरनाथजी" में शिवलिंग अपने आप
बनता है
२. "माँ ज्वालामुखी" में
हमेशा ज्वाला निकलती है
३. "मैहर माता मंदिर" में रात को आल्हा अब
भी आते हैं
४. सीमा पर स्थित तनोट माता मंदिर में 3000
बम में से एक
का ना फूटना
५. इतने बड़े हादसे के बाद भी "केदारनाथ
मंदिर" का बाल ना बांका होना
६. पूरी दुनियां मैं आज भी सिर्फ "रामसेतु के
पत्थर" पानी में तैरते हैं
७. "रामेश्वरम धाम" में सागर का कभी उफान
न मारना
८. "पुरी के मंदिर" के ऊपर से
किसी पक्षी या विमान का न निकलना
९. "पुरी मंदिर" की पताका हमेशा हवा के
विपरीत दिशा में उड़ना
१०. उज्जैन में "भैरोंनाथ" का मदिरा पीना
११. गंगा और नर्मदा माँ (नदी) के
पानी का कभी खराब न होना
१२,श्री राम नाम धन संग्रह बॆंक में संग्रहीत इकतालीस अरब राम
नाम मंत्र पूरित ग्रंथों को (कागज होने पर भी) चूहों द्वारा नहीं
काटा जान। जबकि अनेक चूहे अंदर घुमते रहते हॆं।
13,चितोडगढ मे बाणमाताजी के मंदिर मे आरती के समय त्रिशूल का हिलना
9 लोगों को जरूर भेजो 2 दिन में बहुत बडी
खुसखबरी मिलेगी अन्यथा 2 साल तक कोई काम नहीं होगा ।

Tuesday, January 17, 2017

««« *आज का पंचांग* »»»

.     ।।  🕉  ।।
    🌞 *सुप्रभातम्* 🌞
««« *आज का पंचांग* »»»
कलियुगाब्द..................5118
विक्रम संवत्................2073
शक संवत्...................1938
मास............................माघ
पक्ष...........................कृष्ण
तिथी..........................षष्ठी
दोप 12.49 पर्यंत पश्चात सप्तमी
तिथि स्वामी...........कार्तिकेय
नित्यदेवी...........महावज्रेश्वरी
रवि.....................उत्तरायण
सूर्योदय...........07.09.47 पर
सूर्यास्त...........06.05.01 पर
नक्षत्र..........................हस्त
रात्रि 02.37 पर्यंत पश्चात चित्रा
योग.......................अतिगंड
प्रातः 11.46 पर्यंत पश्चात सुकर्मा
करण.......................वणिज
दोप 12.49 पर्यंत पश्चात विष्टि
ऋतु.........................शिशिर
दिन........................बुधवार

🇰🇾 *आंग्ल मतानुसार* :-
18 जनवरी सन 2017 ईस्वी ।

👁‍🗨 *राहुकाल* :-
दोपहर 12.37 से 01.58 तक ।

🚦 *दिशाशूल* :-
उत्तरदिशा -
यदि आवश्यक हो तो तिल का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें।

☸ शुभ अंक...............9
🔯 शुभ रंग...............हरा

💮 चौघडिया :-
प्रात: 07.13 से 08.34 तक लाभ
प्रात: 08.34 से 09.55 तक अमृत
प्रात: 11.16 से 12.37 तक शुभ
अप. 03.19 से 04.40 तक चंचल
सायं 04.40 से 06.01 तक लाभ
रात्रि 07.40 से 09.19 तक शुभ

🎶 *आज का मंत्र* :-
|| ॐ एकदंताय नमः ||

📣 *सुभाषितम्* :-
*अष्टावक्र गीता - द्वितीय अध्याय :-* 
यथा प्रकाशयाम्येको
देहमेनो तथा जगत्।
अतो मम जगत्सर्वम-
थवा न च किंचन॥२-२॥
अर्थात :-
जिस प्रकार मैं इस शरीर को प्रकाशित करता हूँ, उसी प्रकार इस विश्व को भी। अतः मैं यह समस्त विश्व ही हूँ अथवा कुछ भी नहीं॥२॥

🍃 *आरोग्यं* :-
*हल्‍दी दूध बनाने के सही तरीका :-*

हल्‍दी के टुकड़ें लें

हल्दी की एक इंच लंबे टुकड़े को लें। हल्दी पाउडर, हल्‍दी की स्टिक की तरह प्रभावी नहीं होता है, क्‍योंकि पाउडर में संदूषण की संभावना अधिक होती है, इसके अलावा पीसने की प्रक्रिया के दौरान हल्‍दी की गर्मी पैदा करने की क्षमता कम हो जाती है। इसलिए एक हल्दी के टुकड़े लेकर उसे क्रश करके इस्‍तेमाल करें।

पेपर्कॉर्न यानी मिर्च के दाने

फिर थोड़ी से पेपर्कॉर्न यानी मिर्च के दाने क्रश करें। काली मिर्च की जगह सफेद किस्म बेहतर रहती है। और सफेदी मिर्च यानी दखनी मिर्च आंखों की रोशनी बढ़ाने का काम करती है। अब आधा गिलास दूध और एक कप पानी लेकर उसमें आधी चम्‍मच क्रश हल्‍दी और मिर्च को मिलाकर अच्‍छे से उबाल लें।

शहद या चीनी डालें

20 मिनट उबलने के बाद इस मिश्रण को गैस से उतारकर, इस मिश्रण को छानकर उसमें शहद या चीनी मिला लें, और फिर लें गर्मागर्म हल्‍दी वाले दूध का मजा।

खांसी के लिए देसी घी मिलाये

अगर आप गले में खराश से राहत पाने के लिए इसे ले रहे हैं, तो गर्म हल्‍दी वाला दूध पीने से पहले आधा चम्‍मच देसी घी मिला लें। घी पिघल कर आपके गले पर कोट बनाकर, खांसी से अच्‍छी तरह से राहत देगा।

कुछ मिनट आराम से बैठकर इस पेय का सुखदायक स्‍वाद और रस्टिक अरोमा आपमें फील गुड फैक्‍टर की वृद्धि करने में मदद करता है।

⚜ *आज का राशिफल* :-

🐏 *राशि फलादेश मेष* :-
शत्रुजनित पीड़ा से राहत मिलेगी। कलह को बढ़ावा न दें। सतर्कता से हानि पर नियंत्रण होगा। विरोधी सक्रिय होंगे, इसके बावजूद लाभ होगा।
                        
🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
शत्रु परास्त होंगे। पुराने मित्र से मिलन होने की संभावना है। नजदीकी व्यक्ति विरोध करेंगे। धैर्य व विवेक का साथ बनाए रखना होगा।
                      
👫 *राशि फलादेश मिथुन* :-
माता के स्वास्थ्य में गिरावट होगी। हानि, विवाद, कलह से दूरी बनाना लाभकारी रहेगा। शारीरिक सुख प्राप्त होगा। प्रमाद बढ़ेगा।
                       
🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
विपरीत लिंगी का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा। शत्रु कष्ट देंगे। कुछ लाभ-हानि का मिला-जुला अनुभव होगा। दुर्घटना से बचें।
                     
🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
नेत्रों की लापरवाही ठीक नहीं होगी। मित्रों से सुख तथा लाभ की संभावना है। शत्रु शांत रहेंगे। कुसंग ठीक नहीं होता।
        
👸🏻 *राशि फलादेश कन्या* :-
संतान पक्ष चिंता देगा। दुर्घटना, हानि, चिंता का समय चल रहा है। धीरज बनाए रखना होगा। शत्रु कष्ट संभावित है।
                   
⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
हानि, पीड़ा, कलह का दिन है। विवेक से कार्य करने का समय है। अशुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। विवेकपूर्ण कार्य लाभ देंगे।
                    
🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
जायदाद संबंधी लाभ होगा। मित्र मिलन होगा व दिन आनंददायक व्यतीत होगा। पराक्रम वृद्धि होगी। कार्यप्रणाली बनाए रखना होगी।
                      
🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
विपरीत लिंगी से सुख तथा उसका स्वास्थ्य नरम रहेगा। कुछ अप्रिय समाचार मिलने से कष्ट होने की संभावना है। कार्य बनेंगे। धनागम होगा।
            
🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
आलस्य, प्रमाद व अस्वस्थता हावी रहेगी। राज्य से संकट होगा। मनोमालिन्य रहेगा। धैर्य व विवेक का साथ बनाए रखना होगा।
               
🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
कुसंग ठीक नहीं होता। शत्रु से राहत मिलेगी। विवेकपूर्ण कार्य लाभ देंगे। धनलाभ के आसार बनेंगे। उत्साह से कार्य करने से लाभ होगा।
               
🐬 *राशि फलादेश मीन* :-
शत्रु कष्ट संभावित है। दुर्घटना, हानि, विवाद, सतर्कता दूर होने की संभावना बनती है। अकारण भय रहेगा। स्वास्थ्य नरम रहेगा।

☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

Monday, January 16, 2017

««« *आज का पंचांग* »»»


               ।। 🕉 ।।
   🌞 *सुप्रभातम्* 🌞
««« *आज का पंचांग* »»»
कलियुगाब्द................5118
विक्रम संवत्..............2073
शक संवत्.................1938
रवि....................उत्तरायण
मास..........................माघ
पक्ष..........................कृष्ण
तिथी.......................पंचमी
प्रातः 11.39 पर्यंत पश्चात षष्ठी
तिथि स्वामी................चन्द्र
नित्यदेवी.........वाह्निवासिनी
सूर्योदय..........07.09.25 पर
सूर्यास्त..........06.04.13 पर
नक्षत्र.............उत्तराफाल्गुनी
रात्रि 12.37 पर्यंत पश्चात हस्त
योग........................शोभन
दोप 12.02 पर्यंत पश्चात अतिगंड
करण......................तैतिल
प्रातः 11.39 पर्यंत पश्चात गरज
ऋतु.........................शिशिर
दिन......................मंगलवार

🇰🇾 *आंग्ल मतानुसार* :-
17 जनवरी सन 2017 ईस्वी |

☸ शुभ अंक............8
🔯 शुभ रंग............लाल

👁‍🗨 *राहुकाल* :
दोप 03.18 से 04.39 तक ।

🚦 *दिशाशूल* :-
उत्तरदिशा -
यदि आवश्यक हो तो गुड़ का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें।

✡ *चौघडिया* :-
प्रात: 09.54 से 11.15 तक चंचल
प्रात: 11.15 से 12.36 तक लाभ
दोप. 12.36 से 01.57 तक अमृत
दोप. 03.18 से 04.39 तक शुभ
रात्रि 07.39 से 09.18

⚜ *आज का राशिफल* :-

🐏 *राशि फलादेश मेष* :-
कलहकारक दिन रहेगा। अस्वस्थता का अनुभव होगा। सतर्कता से हानि की कमी होगी। शत्रु शांत रहेंगे। अपमान से बचें, विवाद न करें।
      
🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
शत्रु परास्त होंगे। पुराने मित्रों से मिलन से लाभ तथा नजदीकी व्यक्तियों से विरोध की संभावना है। अपने वालों से विरोध की संभावना है।
                           
👫 *राशि फलादेश मिथुन* :-
मातृपक्ष को कष्ट, हानि, विवाद से दूर रहें। शारीरिक सुख प्राप्त होगा। धैर्य रखना ही ठीक है। पुराने मित्रों से मिलन से लाभ होगा।
                   
🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
स्त्री पक्ष को कष्ट, शत्रु सिर उठाएंगे। कुछ लाभ-सुख का अनुभव होगा। दुर्घटना से बचना होगा। भयकारक वातावरण रहने की संभावना है।
                        
🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
पराक्रम से हानि, पीड़ा को कम किया जा सकता है। कुसमाचार प्राप्ति की संभावना है। अस्वस्थता का अनुभव होगा।
                    
👸🏻 *राशि फलादेश कन्या* :-
जायदाद संबंधी लाभ, मित्र मिलन, पराक्रम वृ‍द्धि, सुखकारक दिन रहने की संभावना है। अनजाना भय, जायदाद संबंधी लाभ का योग है।
               
⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
अचानक संकट खड़ा होने के योग हैं। कष्ट, भय, खर्च, चिंता, शत्रु भय, संतान से कष्ट, हानि की संभावना है। कलह पर काबू पाना आवश्यक है।
                  
🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
मित्र-धनलाभ की संभावना बनती है। नेत्रों की व्याधि की तरफ ध्यान देना होगा। शत्रु शांत रहेंगे। संतान पक्ष की चिंता के योग रहेंगे।
           
🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
विपरीत लिंगी से सुख लाभ, पत्नी को कष्ट, कुछ ‍अप्रिय समाचार मिलने के योग। कलहकार दिन रहने की संभावना है।
                      
🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
शत्रु कष्ट देंगे। आलस्य,
       
🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
नए अनुबंध होने के आसार होंगे। उच्‍चाधिकारियों का साथ लाभ देगा। शत्रु परास्त होंगे। अपनी तरफ से किसी तरह के विवाद न बढ़ाने से लाभ होगा।
               
🐬 *राशि फलादेश मीन* :-
शत्रु परेशान करेंगे। रोग तथा कष्ट से परेशान होंगे। दुर्घटना, हानि से सतर्कता आवश्यक है। माता को कष्ट। दुर्घटना से बचना होगा।
         
☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

☯ आज मंगलवार है अपने नजदीक के मंदिर में संध्या 7 बजे सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में अवश्य सम्मिलित होवें |

।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

Friday, December 30, 2016

««««« *आज का पंचांग* »»»»»

.        ।। 🕉 ।।
      🚩 *सुप्रभातम्* 🚩
««««« *आज का पंचांग* »»»»»
कलियुगाब्द......................5118
विक्रम संवत्....................2073
शक संवत्.......................1938
रवि..........................दक्षिणायन
मास.................................पौष
पक्ष ..............................शुक्ल
तिथी..........................द्वितीया
दोप 02.52पर्यंत पश्चात तृतीया
तिथि स्वामी...................विधाता
नित्यदेवी...............ज्वालामालिनी
सूर्योदय................07.07.12 पर
सूर्यास्त................05.53.44 पर
नक्षत्र........................उत्तराषाढ़ा
दोप 02.47 पर्यंत पश्चात श्रावण
योग.............................व्याघात
प्रातः 10.01 पर्यंत पश्चात हर्षण
करण..............................कौलव
दोप 02.52 पर्यंत पश्चात तैतिल
ऋतु...............................शिशिर
दिन..............................शनिवार

🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार* :-
31 दिसम्बर सन 2016 ईस्वी ।

☸ शुभ अंक............1
🔯 शुभ रंग..........लाल

👁‍🗨 *राहुकाल* :-
प्रात: 09.49 से 11.09 तक ।

🚦 *दिशाशूल* :-
पूर्वदिशा- यदि आवश्यक हो तो उड़द का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें।

✡ *चौघडिया* :-
प्रात: 08.29 से 09.49 तक शुभ
दोप. 12.29 से 01.48 तक चंचल
दोप. 01.48 से 03.08 तक लाभ
दोप. 03.08 से 04.28 तक अमृत
सायं 05.48 से 07.28 तक लाभ
रात्रि 09.08 से 10.49 तक शुभ।

🎶  *आज का मंत्र* :-
|| ॐ आदिदेवाय नमः ||

 *संस्कृत सुभाषितानि* :-
*अष्टावक्र गीता - प्रथम अध्याय :-* 
यत्र विश्वमिदं भाति
कल्पितं रज्जुसर्पवत्।
आनंदपरमानन्दः स
बोधस्त्वं सुखं चर॥१-१०॥
अर्थात:-
जहाँ ये विश्व रस्सी में सर्प की तरह अवास्तविक लगे, उस आनंद, परम आनंद की अनुभूति करके सुख से रहें ॥१०॥

🍃 *आरोग्यं* :-
*कमर दर्द से मुक्ति के आसान उपाय :*

1. रोज सुबह सरसों या नारियल के तेल में लहसुन की तीन-चार कलियॉ डालकर (जब तक लहसुन की कलियां काली न हो जायें) गर्म कर लें। ठंडा होने पर इस तेल से कमर की मालिश करें।
2. नमक मिले गरम पानी में एक तौलिया डालकर निचोड़ लें। इसके बाद पेट के बल लेट जाएं। दर्द के स्थान पर तौलिये से भाप लें। कमर दर्द से राहत पहुंचाने का यह एक अचूक उपाय है।
3. कढ़ाई में दो-तीन चम्मच नमक डालकर इसे अच्छे से सेक लें। इस नमक को थोड़े मोटे सूती कपड़े में बांधकर पोटली बना लें। कमर पर इस पोटली से सेक करने से भी दर्द से आराम मिलता है।
4. अजवाइन को तवे के पर थोड़ी धीमी आंच पर सेंक लें। ठंडा होने पर धीरे-धीरे चबाते हुए निगल जाएं। इसके नियमित सेवन से कमर दर्द में लाभ मिलता है।
5. अधिक देर तक एक ही पोजीशन में बैठकर काम न करें। हर चालीस मिनट में अपनी कुर्सी से उठकर थोड़ी देर टहल लें।
6. नर्म गद्देदार सीटों से परहेज करना चाहिए। कमर दर्द के रोगियों को थोड़ा सख्ते बिस्तर बिछाकर सोना चाहिए।
7. योग भी कमर दर्द में लाभ पहुंचाता है। भुन्ज्गासन, शलभासन, हलासन, उत्तानपादासन, श्वसन आदि कुछ ऐसे योगासन हैं जो की कमर दर्द में काफी लाभ पहुंचाते हैं। कमर दर्द के योगासनों को योगगुरु की देख रेख में ही करने चाहिए।
8. कैल्शियम की कम मात्रा से भी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, इसलिए कैल्शियमयुक्त चीजों का सेवन करें।

⚜ *आज का राशिफल* :-

🐏 *राशि फलादेश मेष* :-
आर्थिक संपन्नता बढ़ेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। अच्छे और उत्साही मित्रों का संसर्ग लाभकारी रहेगा। योजनाओं में सफलता मिलेगी।
                
🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
आपकी सलाह को महत्व मिलेगा। ज्ञान वृद्धि के लिए स्वाध्याय में रुचि बढ़ेगी। परेशानियों को पार करके अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होंगे।
                        
👫 *राशि फलादेश मिथुन* :-
संतान के किसी बात पर मनमुटाव हो सकता है। गुप्त शत्रु आपकी सम्मान हानि का प्रयास कर सकते हैं। लेन-देन के मामलों को प्राथमिकता दें।
           
🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
कार्यक्षेत्र में आशातीत सफलता मिलेगी। कला के प्रति रुझान बढ़ेगा। संतान के कार्य संतोष दिलाएंगे। यात्रा सफल होगी। नौकरी में महत्व बढ़ेगा।
               
🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
योजनाओं में सफलता मिल सकेगी। वाद-विवाद समस्या का समाधान संभव है। पारिवारिक मामलों में विशेष उत्साह नहीं रहेगा।
                 
👸🏻 *राशि फलादेश कन्या* :-
किसी बड़े व्यक्ति से मुलाकात का लाभ आपको मिल सकेगा। आवास संबंधी समस्या रह सकती है। संतान के कार्यों से संतोष रहेगा।
            
⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
प्रयास सही दिशा में करें तो रुका धन मिलेगा। अनावश्यक वाद-विवाद से दूर रहें। व्यापार में इच्छित लाभ होगा। बोलचाल में संयम रखें।
            
🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
कार्यों का विस्तार होगा। सामाजिक मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। दूरदर्शिता से कठिन कामों को भी सफलता से पूरा कर सकेंगे।
                       
🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
महत्वपूर्ण व्यक्तियों के संपर्क में आएंगे। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। अधूरे कार्य समय पर पूरे होने के योग हैं। जोखिम के कामों से दूर रहें।
              
🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
प्रिय व्यक्ति से भेंट होगी। आपके द्वारा लिए गए निर्णय सही होंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कलात्मकता प्रकट करने की क्षमता बढ़ेगी।
               
🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
संतान की उन्नति खुशी को बढ़ाएगी। व्यापार में नई योजना क्रियान्वित हो सकेगी। अर्थ लाभ होगा। यात्रा में अपनी वस्तुएं संभालकर रखें।
     
🐬 *राशि फलादेश मीन* :-
विश्वसनीय व्यक्ति का सहयोग मिलेगा। सुख के साधनों की प्राप्ति या क्रय करने का योग बनेगा। व्यापार अच्छा चलेगा। सत्संग होगा।
    
☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो |

🙏🏻 *अंग्रेजी वर्ष का यह अंतिम दिवस है कल से नया अंग्रेजी साल प्रारंभ होगा, यद्यपि यह हमारा नववर्ष नहीं है पर आइये कोशिश करे बदलते वक्त के साथ किसी बुरी आदत को छोड़े और कोई नवसृजनात्मक गतिविधि से जुड़कर इस मानव जीवन को कृतार्थ करे |*

।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩