Wednesday, December 21, 2016

««« *आज का पंचांग* »»»

.        ।। 🕉 ।।
    🌞 *सुप्रभातम्* 🌞
««« *आज का पंचांग* »»»
कलियुगाब्द.................5118
विक्रम संवत्...............2073
शक संवत्..................1938
मास............................पौष
पक्ष...........................कृष्ण
तिथी.........................नवमी
रात्रि 10.25 पर्यंत पश्चात एकादशी
रवि.....................दक्षिणायन
सूर्योदय...........07.03.11 पर
सूर्यास्त...........05.48.45 पर
तिथि स्वामी..................सर्प
नित्यदेवी.............कुलसुन्दरी
नक्षत्र.........................हस्त
संध्या 06.41 पर्यंत पश्चात चित्रा
योग........................शोभन
दुसरे दिन प्रातः 06.22 पर्यंत पश्चात अतिगंड
करण.......................तैतिल
प्रातः 09.17 पर्यंत पश्चात गरज
ऋतु........................शिशिर
दिन........................गुरुवार

🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार* :-
22 दिसम्बर सन 2016 ईस्वी ।

👁‍🗨 *राहुकाल* :-
दोपहर 01.44 से 03.04 तक ।

🚦 *दिशाशूल* :-
दक्षिणदिशा -
यदि आवश्यक हो तो दही या जीरा का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें।

☸ शुभ अंक..................4
🔯 शुभ रंग.................पीला

✡ *चौघडिया* :-
प्रात: 07.07 से 08.26 तक शुभ
प्रात: 11.05 से 12.25 तक चंचल
दोप. 12.25 से 01.44 तक लाभ
दोप. 01.44 से 03.04 तक अमृत
सायं 04.23 से 05.43 तक शुभ
सायं 05.43 से 07.23 तक अमृत
रात्रि 07.23 से 09.04 तक चंचल |

💮 *आज का मंत्र* :-
।।ॐ अमृत्ये नम: ।।

📢 *सुभाषितम्* :-
*अष्टावक्र गीता - प्रथम अध्याय :-*
जनक उवाच -
कथं ज्ञानमवाप्नोति,
कथं मुक्तिर्भविष्यति।
वैराग्य च कथं प्राप्तमेतद
ब्रूहि मम प्रभो॥१-१॥
अर्थात :-
वयोवृद्ध राजा जनक, बालक अष्टावक्र से पूछते हैं - हे प्रभु, ज्ञान की प्राप्ति कैसे होती है, मुक्ति कैसे प्राप्त होती है, वैराग्य कैसे प्राप्त किया जाता है, ये सब मुझे बताएं॥१॥

🍃 *आरोग्यं* :-
प्याज़
******
हम सभी प्रायः प्याज़ का प्रयोग सलाद के रूप में तथा दाल -सब्ज़ी का स्वाद बढ़ाने के लिए करते हैं ,
आइये आज जानते हैं इसके कुछ सरल औषधीय प्रयोग -

१- यदि जी मिचला रहा हो तो प्याज़ काटकर उसपर थोड़ा काला -नमक व थोड़ा सेंधा -नमक डालकर खाएँ , लाभ होगा |
२- पेट में अफ़ारा होने पर दिन में तीन बार निम्न औषधि का प्रयोग किया जा सकता है -प्याज़ का रस -२० ml ; काला -नमक -१ ग्राम व हींग -१/४ ग्राम लें ,इन सबको मिलाकर रोगी को पिलाएँ |
३- हिचकी की समस्या होने पर १० ग्राम प्याज़ के रस में थोड़ा सा काला -नमक व सेंधा नमक मिलाकर लेने से लाभ होता है |
४- प्रातःकाल उठकर खाली पेट १ चम्मच प्याज़ का रस पीने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है |
५- यदि किसी के चेहरे पर काले दाग़ हों तो उनपर प्याज़ का रस लगाने से कालापन दूर होता है तथा चेहरे की चमक भी बढ़ती है |

⚜ *आज का राशिफल* :-

🐑 *राशि फलादेश मेष* :-
व्यापार में नई योजनाओं का क्रियान्वयन होगा। पारिवारिक समस्या हल होगी। नए कार्यों में सफलता मिलने की पूर्ण संभावना बनती है।
          
🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
पारिवारिक संबंध प्रगाढ़ होंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकेगी। विरोधियों से सावधान रहें। पुराने रुके कार्य पूरे हो सकेंगे।
                
👫 *राशि फलादेश मिथुन* :-
व्यापारिक कार्य से की गई यात्रा लाभप्रद रहेगी। फिजूलखर्ची से बचना चाहिए। परिश्रम का पूरा फल आज आपको मिलेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।
      
🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
पारिवारिक स्थिति संतोषप्रद रहेगी। व्यावसायिक दृष्टि से लाभदायक और अनुकूल संयोग प्राप्त होंगे। गृहस्थ जीवन शांतिमय रहेगा। जोखिम के कार्यों से दूर रहें।
          
🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
भाग्योदय के कारण लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। कामकाज, व्यवसाय ठीक चलेगा। सहयोगी कर्मचारियों से मदद मिलेगी।
               
👸🏻 *राशि फलादेश कन्या* :-
भाइयों से खटपट हो सकती है। आवेश में आकर कभी कोई कार्य न करें। सामाजिक आयोजनों में रुचि लेंगे। भागीदारी में नए अनुबंध लाभकारी होंगे।
                  
⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
मौके का फायदा उठाना आपके हाथ में है। संतान से सुख मिलेगा। विद्यार्थियों को परिश्रम से अच्छे फल मिलने की उम्मीद है।

🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
नौकरी में पदोन्नति व स्थानांतरण के योग बनेंगे। वाहन सावधानी से चलाएं। रुके हुए कार्य पूर्ण किए जा सकेंगे। व्यापार के क्षेत्र का विस्तार होगा।
 
🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
नए कार्यकलापों में सफलता मिलने के योग बनते हैं। जीवनसाथी से संबंधों में मधुरता आएगी। किसी की आलोचना, नकल न करें।
                   
🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा। नए परिचय फायदेमंद होंगे। संतान से खट-पट हो सकती है। कारोबार में लाभदायी परिवर्तन की संभावना है।
                    
🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
धार्मिक यात्रा के योग हैं। पारिवारिक समस्याओं से उबर सकेंगे। कार्य में आशातीत सफलता मिलेगी। राज्यपक्ष से लाभ एवं प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
           
🐬 *राशि फलादेश मीन* :-
नई योजनाएं सफल होंगी। धैर्य, संयम रखकर काम करें। मित्रों के सहयोग से अधूरे कार्य पूर्ण होंगे। व्यापार में लाभदायक सौदे होने के योग हैं।
     
☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

।। *शुभम भवतु* ।।

🇮🇳🇮🇳 भारत माता की जय   🚩🚩

Monday, December 19, 2016

««« *आज का पंचांग* »»»

.            *।। 🕉 ।।*
🌞 *सुप्रभातम्* 🌞
««« *आज का पंचांग* »»»
कलियुगाब्द................5118
विक्रम संवत्..............2073
शक संवत्.................1938
रवि....................दक्षिणायन
मास...........................पौष
पक्ष..........................कृष्ण
तिथी......................सप्तमी
संध्या 06.43 पर्यंत पश्चात अष्टमी
तिथि स्वामी..................इंद्र
नित्यदेवी................शिवदूती
सूर्योदय..........07.02.35 पर
सूर्यास्त..........05.47.11 पर
नक्षत्र................पूर्वाफाल्गुनी
दोप 02.15 पर्यंत पश्चात उत्तराफाल्गुनी
योग...................आयुष्यमान
प्रातः 05.30 पर्यंत पश्चात सौभाग्य
करण...........................बव
संध्या 06.43 पर्यंत पश्चात बालव
ऋतु.........................शिशिर
दिन......................मंगलवार

🇰🇾 *आंग्ल मतानुसार* :-
20 दिसम्बर सन 2016 ईस्वी |

☸ शुभ अंक............5
🔯 शुभ रंग............लाल

👁‍🗨 *राहुकाल* :
दोप 03.03 से 04.22 तक ।

🚦 *दिशाशूल* :-
उत्तरदिशा -
यदि आवश्यक हो तो गुड़ का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें।

✡ *चौघडिया* :-
प्रात: 09.45 से 11.04 तक चंचल
प्रात: 11.04 से 12.24 तक लाभ
दोप. 12.24 से 01.43 तक अमृत
दोप. 03.03 से 04.22 तक शुभ
रात्रि 07.22 से 09.03 तक लाभ ।

🎶 *आज का मंत्र* :-
|| ॐ वामनाय नमः ||

📣 *संस्कृत सुभाषितानि* :-
*अष्टादशोऽध्यायः - मोक्षसंन्यासयोग :-*
तच्च संस्मृत्य संस्मृत्य रूपमत्यद्भुतं हरेः ।
विस्मयो मे महान् राजन्-
हृष्यामि च पुनः पुनः ॥१८- ७७॥
अर्थात :-
हे राजन्‌! श्रीहरि (जिसका स्मरण करने से पापों का नाश होता है उसका नाम *'हरि'* है) के उस अत्यंत विलक्षण रूप को भी पुनः-पुनः स्मरण करके मेरे चित्त में महान आश्चर्य होता है और मैं बार-बार हर्षित हो रहा हूँ॥77॥

🍃 *#‎ आरोग्यं :-*
अकड़न के घरेलू नुस्खे :-
  
1. अडूसे के फूल और फलों को तेल में पकाकर छान लें। इस तेल की मालिश से पैरों की जकड़न कम होती है।
2. अखरोठ के तेल की मालिश करने से भी पैरों की अकड़न कम होती है।
3. अकड़न दूर करने के लिए गर्म सरसों के तेल की मालिश करने का देसी इलाज आजमाएं।
4. अजवायन और लहसुन को सरसों के तेल में डाल कर गर्म करें इसकी मसाज से अकड़न की समस्या से तुरंत आराम होता है।

⚜ *आज का राशिफल* :-

🐑 *राशि फलादेश मेष* :-
नई योजनाओं का क्रियान्वयन हो सकेगा। शुभ समाचार मिलेंगे। संतान सुख मिलेगा। व्यापार लाभप्रद रहेगा। उत्तेजना पर नियंत्रण रखें।
    
🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
दूसरों के कारण कष्ट हो सकता है। आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी। पारिवारिक चिंता से मन खिन्न रहेगा। अधिक खर्च न करें अन्यथा परेशानी हो सकती है।
                         
*👫 राशि फलादेश मिथुन* :-
व्यापार-व्यवसाय मध्यम रहेगा। किसी से मदद की आशा करना व्यर्थ है। उत्तेजना पर संयम रखें। पूर्व नियोजित काम समय पर होंगे।
                  
🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
संतान की तरक्की होगी। श्रेष्ठजनों से भेंट होगी। आकस्मिक लाभ प्राप्ति के योग हैं। कार्यक्षेत्र की बाधाएं दूर होने के आसार हैं।
                        
🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
महत्वपूर्ण कामों से लाभ के योग हैं। जीवनसाथी से संबंध अच्छे बनेंगे। आय से ज्यादा व्यय नहीं करें। संतान के भविष्य की चिंता रहेगी।
                  
👸🏻 *राशि फलादेश कन्या* :-
कई दिनों से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। उत्तरदायित्व की पूर्ति कर पाएंगे। उन्नति के अवसर मिलेंगे। संपत्ति की खरीदी-बिक्री से लाभ होगा।
             
⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
जवाबदारी के कार्य ठीक से कर पाएंगे। व्यापार अच्छा चलेगा। पुराने मित्रों, रिश्तेदारों से मुलाकात होगी। व्यावसायिक सफलता से हर्ष होगा।
                 
🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
नौकरी करने वालों से अधिकारी वर्ग संतुष्ट रहेगा। पारिवारिक स्थिति सुखद रहेगी। आय में वृद्धि के योग। वाहन, मशीनों के प्रयोग में सावधानी रखें।
          
🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
नौकरी में कार्यकुशलता का लाभ मिलेगा। विरोधी आपकी छवि खराब करने का प्रयत्न कर सकते हैं। परिवार के सदस्यों की प्रगति होगी।
                    
🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
परिवार में अनुकूल काम होंगे। व्यापार अच्छा चलेगा। यश, सफलता मिलेगी। रुके कार्य पूरे होने के योग हैं। कानूनी मामलों में लापरवाही न करें।
      
🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रकट कर पाएंगे। रुका पैसा प्राप्त होगा। महत्वपूर्ण व्यक्तियों के संपर्क में आएंगे। परिश्रम का पूरा फल मिलेगा।
              
🐬 *राशि फलादेश मीन* :-
व्यापार व्यवसाय अच्छा चलेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। आत्मविश्वास बढ़ेगा। आमदनी में वृद्धि के योग हैं। यात्रा सुखद एवं सफलता देने वाली होगी।
        
☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

Thursday, December 15, 2016

संघ नियमावली

ॐसच्चा नामधेयाय श्री गुरवे परमात्मने नमः

~~~~~~~~~~~~|
जिसका पालन करना "धर्मार्थ वार्ता समाधान संघ"के सभी विद्वत आचार्यसदस्यों को अनिवार्य होगा।
धर्मार्थ वा०स० संघ-नियमावली
_______________________
१.सर्व प्रथम संघ के सभी आदरणीय श्रेष्ठ विद्वत आचार्य गणों से वार्ता करते समय उनके नाम के आगे सम्मान सूचक शब्द अवश्य लगायें।
२.श्रेष्ठ आचार्य गणों द्वारा छोटों को भी उचित सम्मान से ही संबोधित किया जाये।
३.आपसी शिष्टाचार एवम्
सौम्यता बनाते हुये सब से प्रेम पूर्वक सदाचार का परिचय दें |
४.किसी भी सदस्य के प्रति हीन भावना न रखते हुये सब को अपने परिवार का अभिन्न अंग माने।
५.किसी भी विद्वत सदस्य के ऊपर कोई भी ऐसी टिप्पणी न करें जिससे किसी का मन आहत हो या किसी को दुःख पहुँचे।
६.संघ के नाम एवम् प्रोफाइल फोटो से किसी प्रकार की छेड़खानी न करें यह कार्य संस्थापक महोदय एवं संचालक समिति के अंतर्गत आता है।
७.किसी भी प्रकार के अनावश्यक मैसेज न भेजें,जैसे चुटकुले, शायरी,कॉमेडी या 'ये मैसेज २० लोगो को शेयर करो शाम तक अच्छी खबर मिलेगी नहीँ तो आपका अनिष्ट होगा'_ इस प्रकार के मैसेज भेजना दण्डनीय अपराध माना जायेगा।
८.संघ में मात्र केवल सनातन धर्म,आध्यात्म,पुराण,
वेदोपनिषद् ,समस्त सनातन धर्म से सम्बंधित संग्रह ही भेजें। वह भी लिखित इमेज लेख न हो |
९.किसी भी सदस्य के प्रति हास परिहास,आपत्तिजनक टिप्पणी न करें,जिससे किसी भी प्रकार का विवाद हो।
१०.किसी भी सदस्य को अपनी विद्वता से निचा दिखाने का प्रयास न करें,बल्कि अपने ज्ञान को प्रेम पूर्वक प्रस्तुत करें।
११.किसी भी प्रश्न के ऊपर चल रही वार्ता समाधान  के वक्त दूसरे पोस्ट न भेजें |
१२.कोई भी चित्र या वीडियो फोटो भेजना विशेष मुख्य रूप से वर्जित है इसका विशेष ध्यान रखें |किसी भी सदस्य द्वारा इमेज या वीडियो भेजे जाने पर,समिति द्वारा २४ घंटे के लिये तत्काल निष्कासित किया जायेगा |कारण स्पष्ट होने के बाद ही पुन: जोड़ा जा सकता है |
१३.संघ में किसी भी नए अतिथि विद्वान के आने पर उनका समुचित स्वागत अभिवादन करना हम सब के अच्छे शिष्टाचार का परिचायक है |
१४.किसी भी सदस्य से किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उनके प्रति अन्य कोई सदस्य न उलझें। उसका समाधान, प्रशासनिक श्रेष्ठ गुरुजनों द्वारा या संघ संस्थापक द्वारा किया जायेगा। यदि किसी को किसी से शिकायत है तो वे संस्थापक महोदय या प्रसाशनिक समिति के किसी भी गुरूजन सदस्यों से पर्सनल एकाउंट में जाकर अपनी बात रख सकते हैं !
१५.अगर अपने निजी कारणों बस कोई भी सदस्य संघ से बाहर होना चाहते हैं तो कृपया सूचना अवश्य देने की कृपा करें।
१६.संघ के नियमो को कुछ और सुदृढ़ बनाने के लिए आप सब अपनी राय दे सकते हैं संस्थापक महोदय के पर्शनल में।
१७."आप सभी विद्वत जन अपने प्रोफाइल में अपनी फोटो व अपना नाम अवश्य लिखें |
१८.कभी कभी मनोविनोद एवं मनोरंजन की वार्ता को अन्यथा न लेकर आनन्द की अनुभूति करें क्यों कि इस भागदौड़भरे जीवन में हसना और हसाना भी बहुत आवश्यक है ! लेकिन हास्य सामाजिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुये करें |
१९.संघ में किसी भी पोस्ट को दुबारा पोस्ट करना वर्जित है किसी सदस्य के आग्रह करने पर ही दुबारा पोस्ट भेज सकते हैं |
२०.संघ को और मजबूत बनाने हेतु विशिष्ठ विद्वत जनों की आवश्यकता होती है,अतः जिन विद्वत जनों के सम्पर्क में अच्छे शुमधुर व्यवहार वाले ज्ञानमय ब्राम्हण हों,उन विद्वानों को जोड़ने के लिए संस्थापक महोदय या समिति के गुरू जनों से सम्पर्क कराएं तथा उन्हें संघ के नियमो से भी अवगत कराये |
२१.संघ में वार्ता करने का समय सुबह ५:३०से रात्रि ११:००तक विशेष आवश्यकता पड़ने पर १२:००तक
२२. संघ में किसी भी प्रकार के लिंक भेजना वर्जित है!!!!!!!! 
२३.धर्मार्थ वार्ता समाधान की प्रशासनिक-सूची :—
१--स्वतंत्र प्रभार--:श्री मान संतोष मिश्र (शोष जी)
श्रीमान् विजयभान गोस्वामी जी
२--न्यायाधीश--:श्रीमान् सत्यप्रकाश अनुरागी जी 
३--उप न्यायाधीश--: यज्ञाचार्य श्रीमान ब्रजभूषण त्रिपाठी जी 
४.संस्थापक एवं अध्यक्ष--: श्रीमान् मंगलेश्वर त्रिपाठी जी 
५.उपाध्यक्ष--:श्रीमान् अनिल पाण्डेय जी(मुं.दे.)
६.कोशाध्यक्ष--: श्रीमान दीना नाथ तिवारी जी
७.प्रवक्ता--:श्रीमान् ओमीश जी (कोपरखैरणे महालक्ष्मी मन्दिर)
एवं श्रीमान् विद्यानिधि जी
८.--:सचिव--:श्रीमान पं. आलोक शास्त्री जी 
९.उप सचिव--:रोहित परासर जी 
१०.संयोजक--:श्रीमान् सत्यप्रकाश शुक्ल जी (हिमांचल) 
श्रीमान संदीप त्रिपाठी जी 
श्रीमान पवनेश शुक्ल जी
११.मार्गदर्शक--:श्रीमान बलभद्र जी,श्रीमान शिवाकान्त त्रिपाठी जी,श्रीमान सान्ति भूषण त्रिपाठी जी,
श्रीमान नीरजधर द्विवेदी जी 
श्रीमान पवनेश शुक्ल जी
श्रीमान पद्मधर मिश्र जी
१२--:व्यवस्थापक ÷श्रीमान् रवीन्द्र व्यास जी (यू-पी भवन नवी मुंबई) एवं समस्त धर्मार्थ परिवार !
~~~~~~~~~~~~
********************
जयतु गुरुदेव, जयतु भारतम्

I वन्दे संस्कृतमातरम् I

I वन्दे संस्कृतमातरम् I

छायां ददाति शशिचन्दनशीतलां यः
सौगन्धवन्ति सुमनांसि मनोहराणि ।
स्वादूनि सुन्दरफलानि च पादपं तं
छिन्दन्ति जाङ्गलजना अकृतज्ञता हा ।।

जो वृक्ष चंद्रकिरणों तथा चंदन के समान शीतल छाया प्रदान करता है,
सुन्दर एवं मन को मोहित करने वाले पुष्पों से वातावरण सुगंधमय बना देता है, आकर्षक तथा स्वादिष्ट फलों को मानवजाति पर न्यौछावर करता है,
उस वृक्ष को जंगली असभ्य लोग काट डालते हैं ।
अहो मनुष्य की यह कैसी कृतघ्नता (अकृतज्ञता) है ।

««« *आज का पंचांग* »»»

.        ।। 🕉 ।।
    🌞 *सुप्रभातम्* 🌞
««« *आज का पंचांग* »»»
कलियुगाब्द.................5118
विक्रम संवत्...............2073
शक संवत्..................1938
मास............................पौष
पक्ष...........................कृष्ण
तिथी........................तृतीया
रात्रि 10.35 पर्यंत पश्चात चतुर्थी
रवि......................दक्षिणायन
सूर्योदय............07.00.32 पर
सूर्यास्त............05.45.43 पर
तिथि स्वामी................विष्णु
नित्यदेवी............नित्यक्लिना
नक्षत्र........................पुनर्वसु
दोप 02.24 पर्यंत पश्चात पुष्य
योग...........................ब्रह्मा
दोप 01.15 पर्यंत पश्चात इंद्र
करण........................वणिज
प्रातः 09.45 पर्यंत पश्चात विष्टि
ऋतु.........................शिशिर
दिन........................शुक्रवार

🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार* :-
16 दिसम्बर सन 2016 ईस्वी ।

☸ शुभ अंक..............7
🔯 शुभ रंग.............नीला

👁‍🗨 *राहुकाल* :-
प्रात: 11.01 से 12.21 तक ।

🚦 *दिशाशूल* :-
पश्चिमदिशा - यदि आवश्यक हो तो जौ का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें।

✡ *चौघडिया* :-
प्रात: 08.22 से 09.42 तक लाभ
प्रात: 09.42 से 11.01 तक अमृत
दोप. 12.21 से 01.41 तक शुभ
सायं 04.20 से 05.40 तक चंचल
रात्रि 09.01 से 10.41 तक लाभ ।

🎶 *आज का मंत्र* :-
।।ॐ हृदयेशेषे नम: ।।

📢 *संस्कृत सुभाषितानि* --
*अष्टादशोऽध्यायः - मोक्षसंन्यासयोग :-*
व्यासप्रसादाच्छ्रुत-
वानेतद्गुह्यमहं परम् ।
योगं योगेश्वरात्कृष्णात्-
साक्षात्कथयतः स्वयम् ॥१८- ७५॥
अर्थात --
श्री व्यासजी की कृपा से दिव्य दृष्टि पाकर मैंने इस परम गोपनीय योग को अर्जुन के प्रति कहते हुए स्वयं योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण से प्रत्यक्ष सुना॥75॥

🍃 *आरोग्यं* :-
*कटहल के औषधीय गुण -*

१- पके हुए कटहल के सेवन से गैस और बदहज़मी में लाभ होता है |

२- कटहल की पत्तियों को छाया में सुखाकर चूर्ण बना लें | यह चूर्ण एक छोटी चम्मच की मात्रा में प्रतिदिन सेवन करने से पेट के अलसर में आराम मिलता है |

३- कटहल की छाल घिसकर लेप बना लें | यह लेप मुहँ के छालों पर लगाने से छाले दूर होते हैं |

४- कटहल के पत्तों को गर्म करके पीस लें और इसे दाद पर लेप करें | इससे दाद ठीक होता है |

५- कटहल के पत्तों पर घी लगाकर एक्ज़िमा पर बाँधने से आराम मिलता है

⚜ आज का राशिफल :-

🐑 *राशि फलादेश मेष* :-
व्यापार अच्छा चलेगा। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति होगी। जीवनसाथी से संबंध प्रगाढ़ होंगे। कार्यक्षेत्र का विकास एवं विस्तार संभव है।
                     
🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
कानूनी मामलों में सावधानी रखें। कार्यक्षेत्र में किसी से मदद की आशा न करें। परिवार की समस्या रहेगी। समीप का वातावरण प्रतिकूल रहेगा।
               
👫 *राशि फलादेश मिथुन* :-
परिवार के किसी सदस्य के साथ कहासुनी हो सकती है। व्यापार में बाधाएं, हानि हो सकती है। आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता रहेगी।
             
🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
दूरदर्शिता से प्रत्येक कार्य में सफलता मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय में अनायास लाभ के योग हैं। दूसरों की देखादेखी नहीं करें।
      
🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
भोग-विलास में रुचि बढ़ेगी। लोकप्रियता में वृद्धि होगी। धन के निवेश की योजना आपके लिए लाभदायक रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
           
👸🏻 *राशि फलादेश कन्या* :-
व्यापार में नई योजना क्रियान्वित होगी। अपरिचित व्यक्तियों का सहयोग आपमें विश्वास का संचार करेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे।
                
⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
अनावश्यक काम में समय बर्बाद न करें। आपकी बुद्धि और सूझ-बूझ की परिवार में सराहना होगी। राजकीय कार्य में सफलता की संभावना है।
             
🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
प्रतिष्ठित व्यक्ति से भेंट होगी। आर्थिक कार्यों में सफलता मिलने से हर्ष होगा। रचनात्मक कार्यों का प्रतिफल मिलेगा। समय का दुरुपयोग नहीं करें।
                 
🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
अवसर हितकर होंगे। जल्दबाजी में कोई काम न करें। संकोच तथा विचारों में अभिव्यक्ति की कमी के कारण आपको हानि उठाना पड़ सकती है।
                     
🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
कार्यक्षमता बढ़ने से उत्साह बढ़ेगा। खर्चों में कमी का प्रयास करें। धन की प्राप्ति के साथ प्रसिद्धिकारक योग भी बनेंगे। संतान के व्यवहार से कष्ट होगा।
                   
🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। मकान की समस्या का हल निकलेगा। रुका पैसा मिलेगा। सोचे हुए सभी कार्यों में शुभ परिणाम अपेक्षित हैं।
           
🐬 *राशि फलादेश मीन* :-
संतान की ओर से प्रगतिकारक सूचना मिलेगी। सावधानी व सतर्कता रखकर काम करें। आपके कार्य की वृत्ति श्रम प्रधान होना चाहिए।
            
☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

।।  🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

*सत्वगुणिलक्षणम्*

*सत्वगुणिलक्षणम्*
यः सत्वगुणोपेत: स दयालु:
सत्यवाक् स्थिरः सरल:।
देवगुरुभक्तियुक्तो व्यसने
अभ्युदये च कृतधैर्य:।।
*_______________*
जो मनुष्य सत्वगुण प्रधान होता है,
वह दयावान् सत्य बोलने वाला, स्थिर
स्वभाव सरल (ईमानदार) स्वभाव का तथा
देवता और गुरु में तथा साधु-संतों में भक्ति
करने वाला होता है, वह उन्नति तथा अवनति में
समान भाव से धीरज रखता है।

((((( संगति, परिवेश और भाव )))))

((((( संगति, परिवेश और भाव )))))
.
एक राजा अपनी प्रजा का भरपूर ख्याल रखता था. राज्य में अचानक चोरी की शिकायतें बहुत आने लगीं. कोशिश करने से भी चोर पकड़ा नहीं गया.
.
हारकर राजा ने ढींढोरा पिटवा दिया कि जो चोरी करते पकडा जाएगा उसे मृत्युदंड दिया जाएगा. सभी स्थानों पर सैनिक तैनात कर दिए गए. घोषणा के बाद तीन-चार दिनों तक चोरी की कोई शिकायत नही आई.
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उस राज्य में एक चोर था जिसे चोरी के सिवा कोई काम आता ही नहीं था. उसने सोचा मेरा तो काम ही चोरी करना है. मैं अगर ऐसे डरता रहा तो भूखा मर जाउंगा. चोरी करते पकडा गया तो भी मरुंगा, भूखे मरने से बेहतर है चोरी की जाए.
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वह उस रात को एक घर में चोरी करने घुसा. घर के लोग जाग गए. शोर मचाने लगे तो चोर भागा. पहरे पर तैनात सैनिकों ने उसका पीछा किया. चोर जान बचाने के लिए नगर के बाहर भागा.
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उसने मुडके देखा तो पाया कि कई सैनिक उसका पीछा कर रहे हैं. उन सबको चमका देकर भाग पाना संभव नहीं होगा. भागने से तो जान नहीं बचने वाली, युक्ति सोचनी होगी.
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चोर नगर से बाहर एक तालाब किनारे पहुंचा. सारे कपडे उतारकर तालाब मे फेंक दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर एक बरगद के पेड के नीचे पहुंचा.
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बरगद पर बगुलों का वास था. बरगद की जड़ों के पास बगुलों की बीट पड़ी थी. चोर ने बीट उठाकर उसका तिलक लगा लिया ओर आंख मूंदकर ऐसे स्वांग करने बैठा जैसे साधना में लीन हो.
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खोजते-खोजते थोडी देर मे सैनिक भी वहां पहुंच गए पर उनको चोर कहीं नजर नहीं आ रहा था. खोजते खोजते उजाला हो रहा था ओर उनकी नजर बाबा बने चोर पर पडी.
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सैनिकों ने पूछा- बाबा इधर किसी को आते देखा है. पर ढोंगी बाबा तो समाधि लगाए बैठा था. वह जानता था कि बोलूंगा तो पकडा जाउंगा सो मौनी बाबा बन गया और समाधि का स्वांग करता रहा.
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सैनिकों को कुछ शंका तो हुई पर क्या करें. कही सही में कोई संत निकला तो ? आखिरकार उन्होंने छुपकर उसपर नजर रखना जारी रखा. यह बात चोर भांप गया. जान बचाने के लिए वह भी चुपचाप बैठा रहा.
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एक दिन, दो दिन, तीन दिन बीत गए बाबा बैठा रहा. नगर में चर्चा शुरू हो गई की कोई सिद्ध संत पता नही कितने समय से बिना खाए-पीए समाधि लगाए बैठै हैं. सैनिकों को तो उनके अचानक दर्शऩ हुए हैं.
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नगर से लोग उस बाबा के दर्शन को पहुंचने लगे. भक्तों की अच्छी खासी भीड़ जमा होने लगी. राजा तक यह बात पहुंच गई. राजा स्वयं दर्शन करने पहुंचे. राजा ने विनती की आप नगर मे पधारें और हमें सेवा का सौभाग्य दें.
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चोर ने सोचा बचने का यही मौका है. वह राजकीय अतिथि बनने को तैयार हो गया. सब लोग जयघोष करते हुए नगर में लेजा कर उसकी सेवा सत्कार करने लगे.
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लोगों का प्रेम और श्रद्धा भाव देखकर ढोंगी का मन परिवर्तित हुआ. उसे आभास हुआ कि यदि नकली में इतना मान-संम्मान है तो सही में संत होने पर कितना सम्मान होगा. उसका मन पूरी तरह परिवर्तित हो गया और चोरी त्यागकर संन्यासी हो गया.
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संगति, परिवेश और भाव इंसान में अभूतपूर्व बदलाव ला सकता है. रत्नाकर डाकू को गुरू मिल गए तो प्रेरणा मिली और वह आदिकवि हो गए. असंत भी संत बन सकता है, यदि उसे राह दिखाने वाला मिल जाए.
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कहा गया है....
एक घडी आधी घड़ी, आधी में पुनी आध,
तुलसी संगत साधु की हरे कोटि अपराध.
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अपनी संगति को शुद्ध रखिए, विकारों का स्वतः पलायन आरंभ हो जाएगा.
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(((((((((( जय जय श्री राधे ))))))))))
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