Monday, December 5, 2016

इत्थं वृषाचलपतेरिह सुप्रभातं ये मानवाः

इत्थं वृषाचलपतेरिह सुप्रभातं ये मानवाः प्रतिदिनं पठितुं प्रवृत्ताः।
तेषां प्रभातसमये स्मृतिरङ्गभाजां
प्रज्ञां परार्थसुलभां परमां प्रसूते ॥

हिन्दी अनुवाद:
इस प्रकार यहाँ वृषाचल के प्रभु का सुप्रभातम हैं। जो भोर के समय पर, मन और शरीर को संजोह कर, तीव्र भक्ति और श्रद्धा के साथ, हर रोज़, श्री गोविंद की पूजा पाठ में अपने आप को संलग्न करेंगे, उन लोगों को भगवान की कृपा से, दिल खुशी से जाग उठेगा और उच्चतम आध्यात्मिक ज्ञान, आसानी से प्राप्त होगा।

हमारे परिवार के सभी सदस्यों में प्रेम की प्रतिष्ठा किस प्रकार हो-

हमारे परिवार के सभी सदस्यों में प्रेम की प्रतिष्ठा किस प्रकार हो-

जबतक किसी की बुद्धि में  स्वार्थ और अभिमान का स्थान रहेगा, तबतक. त्याग और निर्मलता का जीवन में अभाव रहेगा।
अतः मान- बड़ाई, आदर-सम्मान सदा दूसरों को दें तथा कष्ट-दुःख और अपमान आदि स्वयं सहन कर लें। यह आध्यत्मिक साधना का भी सुन्दर और सरल उपाय है।

इस तथ्य की दार्शनिक मीमांसा भी यही है कि- जो भी अच्छा-बुरा व्यवहार हम पर घटित हो रहा है, वह हमारे ही कृत्यों का फल है।

" काहु न कोउ सुख दुख कर दाता।
निज कृत करम भोग सबु भ्राता॥"

शाश्वत सत्य तो यही है-

जो बोया है सो काटोगे
जो संचित है वो बाँटोगे।
अपनाअोगे अगर सभी को
फिर गीत खुशी के गाओगे॥
॥ सत्यसनातधर्मो विजयतेतराम् ॥

*एक शिष्य ने अपने गुरूजी से पूछा कि :*

*एक शिष्य ने अपने गुरूजी से पूछा कि :*
*नष्ट होने वाले इस शरीर में, नष्ट ना होने वाली आत्मा कैसे रहती है?*
*गुरूजी का जवाब:*
*दूध उपयोगी है किन्तु एक ही दिन के लिए। फिर वो बिगड जाता है।*
*दूध में एक बूंद छाछ की डालने से वह दही बन जाता है। जो फिर एक और दिन टिकता है।*
*दही का मथने से उसका मक्खन बन जाता है। यह भी एक और दिन टिकता है।*
*मक्खन को उबालने से घी बनता है।*
*और घी कभी भी नहीं बिगड़ता है ।*
*इस तरह से एक दिन में बिगड़ने वाले दूध में कभी ना बिगड़ने वाला घी छिपा होता है।*
*अर्थात*
*इसी तरह से अशाश्वत शरीर में शाश्वत आत्मा रहती है।*
*मानव शरीर दूध समान*
*दैवीय स्मरण छाछ समान*
*सेवा भाव मक्खन समान*
*तथा*
*साधन करना घी समान होता है।*
*मानव शरीर को साधना से पिघलाने पर आत्मा पवित्रता प्राप्त करती है।*

"एक चुटकी ज़हर रोजाना"

"एक चुटकी ज़हर रोजाना"

आरती नामक एक युवती का विवाह हुआ और वह अपने पति और सास के साथ अपने ससुराल में रहने लगी। कुछ ही दिनों बाद आरती को आभास होने लगा कि उसकी सास के साथ पटरी नहीं बैठ रही है। सास पुराने ख़यालों की थी और बहू नए विचारों वाली।
आरती और उसकी सास का आये दिन झगडा होने लगा।
दिन बीते, महीने बीते. साल भी बीत गया. न तो सास टीका-टिप्पणी करना छोड़ती और न आरती जवाब देना। हालात बद से बदतर होने लगे। आरती को अब अपनी सास से पूरी तरह नफरत हो चुकी थी. आरती के लिए उस समय स्थिति और बुरी हो जाती जब उसे भारतीय परम्पराओं के अनुसार दूसरों के सामने अपनी सास को सम्मान देना पड़ता। अब वह किसी भी तरह सास से छुटकारा पाने की सोचने लगी.
एक दिन जब आरती का अपनी सास से झगडा हुआ और पति भी अपनी माँ का पक्ष लेने लगा तो वह नाराज़ होकर मायके चली आई।
आरती के पिता आयुर्वेद के डॉक्टर थे. उसने रो-रो कर अपनी व्यथा पिता को सुनाई और बोली – “आप मुझे कोई जहरीली दवा दे दीजिये जो मैं जाकर उस बुढ़िया को पिला दूँ नहीं तो मैं अब ससुराल नहीं जाऊँगी…”
बेटी का दुःख समझते हुए पिता ने आरती के सिर पर प्यार से हाथ फेरते हुए कहा – “बेटी, अगर तुम अपनी सास को ज़हर खिला कर मार दोगी तो तुम्हें पुलिस पकड़ ले जाएगी और साथ ही मुझे भी क्योंकि वो ज़हर मैं तुम्हें दूंगा. इसलिए ऐसा करना ठीक नहीं होगा.”
लेकिन आरती जिद पर अड़ गई – “आपको मुझे ज़हर देना ही होगा ….
अब मैं किसी भी कीमत पर उसका मुँह देखना नहीं चाहती !”
कुछ सोचकर पिता बोले – “ठीक है जैसी तुम्हारी मर्जी। लेकिन मैं तुम्हें जेल जाते हुए भी नहीं देख सकता इसलिए जैसे मैं कहूँ वैसे तुम्हें करना होगा ! मंजूर हो तो बोलो ?”
“क्या करना होगा ?”, आरती ने पूछा.
पिता ने एक पुडिया में ज़हर का पाउडर बाँधकर आरती के हाथ में देते हुए कहा – “तुम्हें इस पुडिया में से सिर्फ एक चुटकी ज़हर रोज़ अपनी सास के भोजन में मिलाना है।
कम मात्रा होने से वह एकदम से नहीं मरेगी बल्कि धीरे-धीरे आंतरिक रूप से कमजोर होकर 5 से 6 महीनों में मर जाएगी. लोग समझेंगे कि वह स्वाभाविक मौत मर गई.”
पिता ने आगे कहा -“लेकिन तुम्हें बेहद सावधान रहना होगा ताकि तुम्हारे पति को बिलकुल भी शक न होने पाए वरना हम दोनों को जेल जाना पड़ेगा ! इसके लिए तुम आज के बाद अपनी सास से बिलकुल भी झगडा नहीं करोगी बल्कि उसकी सेवा करोगी।
यदि वह तुम पर कोई टीका टिप्पणी करती है तो तुम चुपचाप सुन लोगी, बिलकुल भी प्रत्युत्तर नहीं दोगी ! बोलो कर पाओगी ये सब ?”
आरती ने सोचा, छ: महीनों की ही तो बात है, फिर तो छुटकारा मिल ही जाएगा. उसने पिता की बात मान ली और ज़हर की पुडिया लेकर ससुराल चली आई.
ससुराल आते ही अगले ही दिन से आरती ने सास के भोजन में एक चुटकी ज़हर रोजाना मिलाना शुरू कर दिया।
साथ ही उसके प्रति अपना बर्ताव भी बदल लिया. अब वह सास के किसी भी ताने का जवाब नहीं देती बल्कि क्रोध को पीकर मुस्कुराते हुए सुन लेती।
रोज़ उसके पैर दबाती और उसकी हर बात का ख़याल रखती।
सास से पूछ-पूछ कर उसकी पसंद का खाना बनाती, उसकी हर आज्ञा का पालन करती।
#दीपकतँवर पूजा तँवर
कुछ हफ्ते बीतते बीतते सास के स्वभाव में भी परिवर्तन आना शुरू हो गया. बहू की ओर से अपने तानों का प्रत्युत्तर न पाकर उसके ताने अब कम हो चले थे बल्कि वह कभी कभी बहू की सेवा के बदले आशीष भी देने लगी थी।
धीरे-धीरे चार महीने बीत गए. आरती नियमित रूप से सास को रोज़ एक चुटकी ज़हर देती आ रही थी।
किन्तु उस घर का माहौल अब एकदम से बदल चुका था. सास बहू का झगडा पुरानी बात हो चुकी थी. पहले जो सास आरती को गालियाँ देते नहीं थकती थी, अब वही आस-पड़ोस वालों के आगे आरती की तारीफों के पुल बाँधने लगी थी।
बहू को साथ बिठाकर खाना खिलाती और सोने से पहले भी जब तक बहू से चार प्यार भरी बातें न कर ले, उसे नींद नही आती थी।
छठा महीना आते आते आरती को लगने लगा कि उसकी सास उसे बिलकुल अपनी बेटी की तरह मानने लगी हैं। उसे भी अपनी सास में माँ की छवि नज़र आने लगी थी।
जब वह सोचती कि उसके दिए ज़हर से उसकी सास कुछ ही दिनों में मर जाएगी तो वह परेशान हो जाती थी।
इसी ऊहापोह में एक दिन वह अपने पिता के घर दोबारा जा पहुंची और बोली – “पिताजी, मुझे उस ज़हर के असर को ख़त्म करने की दवा दीजिये क्योंकि अब मैं अपनी सास को मारना नहीं चाहती … !
वो बहुत अच्छी हैं और अब मैं उन्हें अपनी माँ की तरह चाहने लगी हूँ!”
पिता ठठाकर हँस पड़े और बोले – “ज़हर ? कैसा ज़हर ? मैंने तो तुम्हें ज़हर के नाम पर हाजमे का चूर्ण दिया था … हा हा हा !!!”
"बेटी को सही रास्ता दिखाये,
माँ बाप का पूर्ण फर्ज अदा करे"

*आज का पंचांग* »»»

.     ।। 🕉 ।।
   🌞 *सुप्रभातम्* 🌞
««« *आज का पंचांग* »»»
कलियुगाब्द................5118
विक्रम संवत्..............2073
शक संवत्.................1938
रवि....................दक्षिणायन
मास.....................मार्गशीर्ष
पक्ष..........................शुक्ल
तिथी......................सप्तमी
रात्रि 02.50 पर्यंत पश्चात अष्टमी
तिथि स्वामी..................इंद्र
नित्यदेवी.............कुलसुन्दरी
सूर्योदय..........06.54.08 पर
सूर्यास्त..........05.42.45 पर
नक्षत्र.....................धनिष्ठा
प्रातः 11.24 पर्यंत पश्चात शतभिषा
योग..........................हर्षण
रात्रि 03.36 पर्यंत पश्चात वज्र
करण........................गरज
दोप. 02.58 पर्यंत पश्चात वणिज
ऋतु..........................हेमंत
दिन......................मंगलवार

🇰🇾 *आंग्ल मतानुसार* :-
06 दिसम्बर सन 2016 ईस्वी |

☸ शुभ अंक............6
🔯 शुभ रंग............लाल

👁‍🗨 *राहुकाल* :
दोप 02.57 से 04.17 तक ।

🚦 *दिशाशूल* :-
उत्तरदिशा -
यदि आवश्यक हो तो गुड़ का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें।

✡ *चौघडिया* :-
प्रात: 09.37 से 10.57 तक चंचल
प्रात: 10.57 से 12.17 तक लाभ
दोप. 12.17 से 01.37 तक अमृत
दोप. 02.57 से 04.17 तक शुभ
रात्रि 07.17 से 08.57 तक लाभ ।

💮 *आज का मंत्र* :-
|| ॐ वीरविराय नमः ||

📣 *संस्कृत सुभाषितानि* :-
*अष्टादशोऽध्यायः - मोक्षसंन्यासयोग :-*
य इमं परमं गुह्यं
मद्भक्तेष्वभिधास्यति ।
भक्तिं मयि परां कृत्वा
मामेवैष्यत्यसंशयः ॥१८- ६८॥
अर्थात :-
जो पुरुष मुझमें परम प्रेम करके इस परम रहस्ययुक्त गीताशास्त्र को मेरे भक्तों में कहेगा, वह मुझको ही प्राप्त होगा- इसमें कोई संदेह नहीं है॥68॥

🍃 *#‎ आरोग्यं :-*
आँख में दर्द से राहत के घरेलू नुस्खे :-

1. आँखों में गुलाब जल डालने से आँख दर्द ठीक हो जाता है।
2. तिल के ताजे चार फूल जो अप्रैल के महीने में आते हैं, ३-४  निगलने से आँखें नही दुखेगी।
3. हरड़ को रात भर पानी में भीगने दें और सुबह उसी जल से आखे धोये। इससे आखे भी नही दुखती और ठंडक भी बनी रहती है ।
4. निम्बू का रस और गुलाब जल बराबर मात्रा में मिला कर उससे आँखें धोने से आराम मिलता हैं।
5. एलोवेरा के पत्ते को आँखों के ऊपर रखना ऐसा घरेलू उपाय है। जिससे आँख दर्द के साथ-साथ काले घेरे भी जाते हैं।

⚜ *आज का राशिफल* :-

🐏 *राशि फलादेश मेष* :-
कार्यक्षमता एवं कार्यकुशलता बढ़ेगी। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे। संतान के कार्यों में उन्नति के योग हैं।
   
🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
स्वास्थ्य के प्रति सावधानी रखें। रुके हुए काम समय पर होने की संभावना है। विरोधी परास्त होंगे। प्रियजनों से पूरी मदद मिलेगी।
                       
👫 *राशि फलादेश मिथुन* :-
निजीजनों में असंतोष का वातावरण रहेगा। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। धैर्य एवं संयम बना रहेगा। व्यापार-व्यवसाय सामान्य चलेगा।
                
🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
धन प्राप्ति के योग हैं। भूमि-आवास की समस्याओं में वृद्धि होगी। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ होगा। वाणी पर नियंत्रण रखें।
                      
🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण रखें। बुद्धि एवं तर्क से कार्य के प्रति सफलता के योग बनेंगे। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएंगे।
                 
👸🏻 *राशि फलादेश कन्या* :-
कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएं रखें। मित्रों में वर्चस्व बढ़ेगा। आजीविका में नए प्रस्ताव मिलेंगे। ईश्वर पर आस्था बढ़ेगी।
            
⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
साहस, पराक्रम में वृद्धि होगी। व्यापार में नए प्रस्तावों से लाभ की संभावना है। शीत संबंधी विकार हो सकते हैं। सही निर्णय ले पाएंगे।
               
🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
मित्रों से मदद प्राप्त होगी। प्रसन्नता व आशाजनक वातावरण के कारण प्रयास सार्थक होंगे। भेंट-उपहार आदि की प्राप्ति संभव है।
        
🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
अर्थ संबंधी सुख मिलेगा। वाहन सावधानी से चलाएं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। पूर्व में किए गए कार्यों के शुभ परिणाम देखने को मिलेंगे।
                   
🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
वाणी संयम रखते हुए कार्य करें। आजीविका के क्षेत्र में प्रगति के योग हैं। जोखिम के कार्यों से दूर रहना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी।
    
🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
आजीविका में परिवर्तन अथवा नवीन अवसर प्राप्त हो सकेंगे। दांपत्य जीवन सुखद। दिन मिश्र फलदायी रहेगा। शुभ कार्यों पर व्यय होगा।
             
🐬 *राशि फलादेश मीन* :-
अधिकारी सहयोग करेंगे। व्यापार के विस्तार हेतु प्रयास अधिक करना होंगे। दूसरों के काम में हस्तक्षेप नहीं करें। सामाजिक कार्य करेंगे।
        
☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

☯ आज मंगलवार है अपने नजदीक के मंदिर में संध्या 7 बजे सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में अवश्य सम्मिलित होवें |

।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

विशेष मंत्र

हनुमत ध्यानम्-:
हे हनुमान महा बलवान सुजान सुनो विनती एक मोरी।
श्री रघुनाथन के प्रिय भक्त कृपा करी देखहु तुमम ओरी।।
रामचरित्र कहहु निज भाषन कीजै सहाय दयानिज मोरी।
दास निराश पुकार करै करुणानिधि आवहु तु बरजोरी।।
गणेश ध्यान-:
शरीरे सिंदूरं विलसति मुखेचैक दसनम्।
ललाटे त्रिपुन्डमं तिलक ममलम नेत्र त्रितयम्।।
गले माला शुभ ह्युदर मधिकम् विस्तृत तरम्।
नमामि त्वां  गौरिं सुभग तनयं विध्न समनम् ।।
वरूण-:
घटे धान्या धारे कलश मुलिसा धात्त ह्युतै:।
तु पूर्वे श्री गंगे विमल यमुना नीर निकरै:।।
चतुर्वदै नित्यं सविध सरुमा देव दनुजै:।
स्थिते श्री निरशं वरुण मधुमा यामि शरणं।।
आशिर्वाद-:
आनंद काले बहु राज लक्ष्मी:।
शिव प्रसादात्त धन धान्य वृद्धि:।।
वाधा हता शत्रु विनाश नेनम् ।
ददाति दानं विपुलम्  धनायु:।।

Monday, November 28, 2016

««« *आज का पंचांग* »»»

.     ।। 🕉 ।।
   🌞 *सुप्रभातम्* 🌞
««« *आज का पंचांग* »»»
कलियुगाब्द................5118
विक्रम संवत्..............2073
शक संवत्.................1938
रवि....................दक्षिणायन
मास.....................मार्गशीर्ष
पक्ष..........................कृष्ण
तिथी...................अमावस्या
संध्या 05.48 पर्यंत पश्चात प्रतिपदा
तिथि स्वामी............विश्वदेव
नित्यदेवी....................चित्रा
सूर्योदय..........06.49.53 पर
सूर्यास्त..........05.41.47 पर
नक्षत्र.....................अनुराधा
रात्रि 11.55 पर्यंत पश्चात ज्येष्ठा
योग........................सुकर्मा
दुसरे दिन प्रातः 05.04 पर्यंत पश्चात धृति
करण.........................नाग
संध्या 05.48 पर्यंत पश्चात धृति
ऋतु..........................हेमंत
दिन......................मंगलवार

🇰🇾 *आंग्ल मतानुसार* :-
29 नवम्बर सन 2016 ईस्वी |

☸ शुभ अंक............2
🔯 शुभ रंग............लाल

👁‍🗨 *राहुकाल* :
अपराह्न 02.55 से 04.15 तक ।

🚦 *दिशाशूल* :-
उत्तरदिशा -
यदि आवश्यक हो तो गुड़ का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें।

✡ *चौघडिया* :-
प्रात: 09.33 से 10.53 तक चंचल
प्रात: 10.53 से 12.14 तक लाभ
दोप. 12.14 से 01.34 तक अमृत
दोप. 02.55 से 04.15 तक शुभ
रात्रि 07.15 से 08.55 तक लाभ ।

🎶  *आज का मंत्र* :-
|| ॐ आंजनेय नमः ||

📣 *संस्कृत सुभाषितानि* :-
*अष्टादशोऽध्यायः - मोक्षसंन्यासयोग :-*
ईश्वरः सर्वभूतानां
हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति ।
भ्रामयन्सर्वभूतानि
यन्त्रारूढानि मायया ॥१८- ६१॥
अर्थात :-
हे अर्जुन! शरीर रूप यंत्र में आरूढ़ हुए संपूर्ण प्राणियों को अन्तर्यामी परमेश्वर अपनी माया से उनके कर्मों के अनुसार भ्रमण कराता हुआ सब प्राणियों के हृदय में स्थित है॥61॥

🍃 *#‎ आरोग्यं :-*
कब्ज दूर करने के कुछ नुश्खे लोकोक्तियों के द्वारा बताये गये हैं:

‪#‎हर्र‬ बहेड़ा, आंवला भाग एक दो चार।
तीनों औषधि लीजिये, त्रिफला कहे विचार।
अर्थात: एक भाग हैड, दो भाग बड़ी हैड और चार भाग आंवला तीनों को मिला कर पीस लें।
इस योग को त्रिफला कहा जाता है। नित्य रात्रि में गर्म पानी से एक चम्मच त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से पेट निरोगी रहता है। कब्ज को दूर करता है।

‪#‎इक‬ प्याली गरम पानी में, नींबू
निचोड़ा जाय।
पीओ नित्य कुछ दिन तक, तो कब्ज दूर हो जाय।
अर्थात: एक कप गर्म पानी में नींबू निचोड़
कर रोजाना कुछ दिन तक पीने से कब्ज
की शिकायत दूर होती है।

‪#‎सनाय‬ सौंफ मुनक्का, दस दस ग्राम मिलाय।
गोंद बबूल संग पीसकर लीजे चूर्ण बनाय।
प्रतिदिन रात्रि के समय दूध साथ पी जाय।
कब्ज पुराना दूर हो उदर विकार मिटाय।
अर्थात: सनाय, सौंफ और मुनक्का दस दस ग्राम लेकर उसमें बबूल
का गोंद मिला कर पीसे लें। इस प्रकार तैयार चूर्ण
को यदि रात के समय दूध के साथ सेवन किया जाए तो पुराने से
पुराना पेट का कब्ज दूर हो जाता है।

⚜ *आज का राशिफल* :-

🐑 *राशि फलादेश मेष* :-
मान-प्रतिष्ठा और सुख-साधनों में वृद्धि होगी। कामकाज में सुधार के योग हैं। रचनात्मक कार्यों का प्रतिफल मिलेगा। संतान से सुख मिलेगा।
  
🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
परिश्रम का पूरा फल आज आपको मिलेगा। व्यापारिक कार्य से की गई यात्रा लाभप्रद रहेगी। सामाजिक कार्यों में सीमित रहना चाहिए।
                       
👫 *राशि फलादेश मिथुन* :-
पारिवारिक स्थिति संतोषप्रद रहेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकेगी। विरोधियों से सावधान रहें। जोखिम-जवाबदारी के कार्यों से दूर रहें।
               
🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
आवेश में आकर कभी कोई कार्य न करें। फिजूलखर्ची से बचना चाहिए। अनावश्यक वाद-विवाद को टालें। संतान की चिंता रहेगी।
                     
🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
सुख के साधनों की प्राप्ति होगी। शत्रु पक्ष आपकी छवि बिगाड़ने की कोशिश करेंगे। व्यापार की समस्याओं से मन परेशान रहेगा।
                 
🏻 *राशि फलादेश कन्या* :-
व्यावसायिक कार्य सफल नहीं हो पाएंगे। फिजूल की बातों को नजरअंदाज करें। सामाजिक मामलों में आपकी आलोचना होगी। परिश्रम का महत्व समझें।
            
⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
व्यापार, नौकरी में स्थिति मध्यम रहेगी। अचानक आने वाली बाधाओं से मन परेशान रहेगा। आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
               
🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
आर्थिक वृद्धि के प्रयास निष्फल होंगे। सरकारी मामले उलझेंगे। व्यापार-व्यवसाय में उतार-चढ़ाव से चिंता रहेगी। गुस्सा, आवेश पर काबू रखें।
       
🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
नए अनुबंध नहीं करें। संतान की ओर से अनुकूल परिणाम आएंगे। आध्यात्मिक क्षेत्र में विशिष्ट अनुभव से मन में उत्साह रहेगा।
                   
🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
व्यापार अच्छा चलेगा। आय से अधिक व्यय नहीं करें। दुर्व्यसनों पर नियंत्रण रखना होगा। कार्य में उत्साह की वृद्धि होगी।
   
🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
समय शुभ होगा। घर-परिवार से संबंध सुधारेंगे तथा नौकरी आदि में उन्नति होगी। धार्मिक आदि के अवसर प्राप्त होंगे। लाभ होगा।
            
🐬 *राशि फलादेश मीन* :-
पारिवारिक दृष्टि से दिन मध्यम रहने की संभावना है। विरोधी काम बिगाड़ने की चेष्टा करेंगे। मान-प्रतिष्ठा में कमी आएगी।
        
☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

☯ आज मंगलवार है अपने नजदीक के मंदिर में संध्या 7 बजे सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में अवश्य सम्मिलित होवें |

।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩